
भोजन का सही से पचना: यह पेट और पाचन तंत्र (gastrointestinal tract) में भोजन के कणों को आसानी से तोड़ने/पचाने में महत्वपूर्ण मदद करता है। पाचक रसों (Gastric Juices) का निर्माण: यह पाचन क्रिया के लिए जरूरी पाचक रसों (गैस्ट्रिक जूस) के उत्पादन को बढ़ाता है। पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण: यह आंतों (intestinal tract) के माध्यम से भोजन में मौजूद जरूरी माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स (सूक्ष्म पोषक तत्वों) को शरीर में सही तरीके से सोखने और उपयोग करने (bioavailability) में सुधार करता है।